JAC Delhi काउंसलिंग 2026 · Round 2 घोषित: 01 जुलाई

Round 2 कटऑफ
गहरा विश्लेषण — सभी 5 यूनिवर्सिटी

DTU, NSUT, IIIT-Delhi, IGDTUW और DSEU की Round 2 क्लोजिंग रैंक का पूरा विश्लेषण — ब्रांच-वार कटऑफ, कॉलेज की तुलना और आपकी रैंक पर क्या मिल सकता है, सब एक ही पेज पर।

अपनी रैंक जांचें → पूरी कटऑफ तालिका
5
यूनिवर्सिटी शामिल
70+
ब्रांच कटऑफ का विश्लेषण
3498
सबसे कठिन क्लोज़ (IIIT-D CSAI, दिल्ली)
2.4×
दिल्ली कोटा का फायदा (CSE)
Rank Lens

आपकी रैंक पर Round 2 में क्या खुला था?

अपनी JEE (Main) 2026 CRL डालिए — General (GNGN) Round 2 क्लोजिंग रैंक के आधार पर सभी 5 यूनिवर्सिटी की योग्य ब्रांच तुरंत दिख जाएँगी।

सभी रैंक CRL हैं (कैटेगरी रैंक नहीं) · Round 2 क्लोजिंग · IIIT-Delhi = दिल्ली रीजन, बिना बोनस वाला कटऑफ · PwD / Defence / Kashmiri Migrant / Single Girl Child सब-कैटेगरी के लिए आधिकारिक शीट देखें।
Head to head

CSE क्लोजिंग रैंक — कौन-सी यूनिवर्सिटी कितनी कठिन?

General कैटेगरी, दिल्ली रीजन, Round 2। बार जितनी छोटी, एडमिशन उतना ही कठिन।

* IIIT-Delhi बिना बोनस वाला कटऑफ · IGDTUW सिर्फ महिला उम्मीदवारों के लिए · DSEU = CSE, Pusa-1 कैंपस (सबसे अच्छे कैंपस की क्लोज़िंग)।

आधिकारिक डेटा · 01 जुलाई 2026

ब्रांच-वार Round 2 कटऑफ

यूनिवर्सिटी चुनिए, रीजन टॉगल कीजिए। नारंगी रेखा वाली पंक्तियाँ सबसे ज़्यादा डिमांड वाली ब्रांच हैं।

आंकड़े क्या कहते हैं

Round 3 से पहले जानने ज़रूरी 6 बातें

3,498

IIIT-D CSAI है नया किंग

दिल्ली रीजन में सबसे कठिन क्लोज़ IIIT-Delhi के CSE-AI का रहा (बिना बोनस) — NSUT CSAI (7,791) और DTU CSE (12,771) से भी आगे। AI-ब्रांड वाली ब्रांचों की डिमांड कोर CSE को पार कर चुकी है।

2.4×

दिल्ली कोटा = बड़ा फायदा

DTU CSE दिल्ली रीजन में 12,771 पर बंद हुआ, जबकि आउटसाइड दिल्ली में सिर्फ 5,171 पर। NSUT CSE में भी यही पैटर्न है (12,075 बनाम 5,709)। दिल्ली के स्टूडेंट्स को व्यावहारिक रूप से लगभग दोगुनी रैंक का कुशन मिलता है।

~22k

22k के अंदर? कोडिंग ब्रांच पक्की

दिल्ली रीजन में 22,000 CRL तक DTU (CSE/DSA/IT/SE/IT-CyS), NSUT (CSAI/CSE/CSDS/IT/MAC) और IIIT-D (CSAI/CSE/CSAM/CSEcon/CSD/CSSS) — तीनों टॉप कॉलेजों में कंप्यूटिंग सीट उपलब्ध थी।

5×

IGDTUW: लड़कियों का गोल्डन टिकट

IGDTUW CSE 59,534 (दिल्ली) पर बंद हुआ — NSUT/DTU CSE से करीब 5 गुना ज़्यादा रिलैक्स्ड। 50k–120k रैंक वाली महिला उम्मीदवारों के लिए यह सबसे मज़बूत CSE/IT विकल्प है।

83k+

DSEU = मज़बूत सेफ्टी नेट

DSEU का CSE (Pusa-1) 83,508 पर और बाकी कैंपस 1.2 लाख+ तक गए। 80k–130k दिल्ली रैंक पर भी B.Tech CSE/AI/DS संभव है — Round 3 की चॉइस लिस्ट में ज़रूर रखें।

R3 ↑

Round 3 में कटऑफ और गिरेगा

Round 2 → 3 में विदड्रॉअल और अपग्रेड की वजह से क्लोजिंग रैंक आम तौर पर 5–15% और नीचे (रिलैक्स्ड) होती है। बॉर्डर पर हों तो Float रखना फायदेमंद है।

पूरी कहानी

JAC Delhi Round 2 — पूरा विश्लेषण, माहौल से लेकर रणनीति तक

कट-ऑफ के नंबरों के पीछे की असली तस्वीर: क्यों शिफ्ट धीमी रहती है, किस कॉलेज में क्या हुआ, और आगे क्या करें।

JAC Delhi (Joint Admission Counselling) की पूरी प्रक्रिया में राउंड 2 का मोड़ सबसे दिलचस्प, तनावपूर्ण और निर्णायक माना जाता है। राउंड 1 के परिणाम आने के बाद जब पहला उत्साह, घबराहट और शुरुआती दौड़-भाग थोड़ी थमती है, तब राउंड 2 का खेल शुरू होता है। बहुत से छात्र यह उम्मीद लगाए बैठे रहते हैं कि राउंड 2 आते ही कट-ऑफ में बहुत बड़ा उछाल आएगा और उन्हें तुरंत मनपसंद ब्रांच मिल जाएगी। लेकिन जमीनी हकीकत, डेटा और छात्रों की मनोदशा को जब आप पास से देखते हैं, तो बात कुछ और ही नजर आती है।

1. राउंड 2 का माहौल और छात्रों की ज़मीनी स्थिति

राउंड 1 खत्म होते ही काउंसलिंग का पहला चरण पार हो चुका होता है। जिन बच्चों को पहली पसंद मिल गई, वे तो राहत की सांस लेकर बैठ जाते हैं, लेकिन असली कशमकश उन 80-90% बच्चों के साथ शुरू होती है जो बीच में फंसे हैं। किसी को DTU में मैकेनिकल मिला है और वह ECE की उम्मीद लगाए बैठा है; किसी को NSUT वेस्ट कैंपस मिला है और वह मेन कैंपस में पैर रखना चाहता है; वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें राउंड 1 में कुछ भी नहीं मिला।

राउंड 2 के समय छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे ज्यादा बेचैनी होती है। इंटरनेट पर हर कोई पिछले साल की पीडीएफ फाइलें खंगाल रहा होता है, टेलीग्राम ग्रुप्स में दिन-रात चर्चा चलती है कि "कट-ऑफ कितना गिरेगा?", "सीटें खाली होंगी या नहीं?"। यह वह दौर है जहाँ उम्मीदें बहुत ऊंची होती हैं, लेकिन जब राउंड 2 का नतीजा स्क्रीन पर खुलता है, तो बहुत से चेहरों पर सन्नाटा छा जाता है क्योंकि कट-ऑफ में वो 'जादुई गिरावट' नहीं दिखती जिसकी सबने कल्पना की थी।

2. कट-ऑफ का व्यवहार: शिफ्ट क्यों धीमी रहती है?

छात्रों को लगता है कि राउंड 1 से राउंड 2 के बीच कट-ऑफ में भारी बदलाव आएगा, लेकिन ज्यादातर मामलों में राउंड 2 का मूवमेंट काफी धीमा (Marginal Shift) रहता है। इसके पीछे कई तकनीकी और व्यवहारिक कारण काम करते हैं:

  • सीटें होल्ड करने की प्रवृत्ति: राउंड 1 में जिन छात्रों को कोई भी सीट मिली होती है, वे लगभग ₹95,000 की सीट एक्सेप्टेंस फीस (SAF) भरकर सीट को 'Float' पर छोड़ देते हैं। जब तक JoSAA या BITS का पक्का विकल्प हाथ में न आ जाए, वह JAC की सीट नहीं छोड़ता।
  • विथड्रॉल की सुस्त रफ्तार: राउंड 2 तक सीट छोड़ने वालों की संख्या काफी कम होती है। जब विथड्रॉल ही कम होते हैं, तो सीटें खाली नहीं होतीं, और सीटें खाली नहीं होंगी तो नीचे वाले बच्चे ऊपर कैसे खिसकेंगे?
  • टॉप ब्रांचेज में लगभग शून्य मूवमेंट: DTU या NSUT की CSE, IT और SE जैसी हॉट ब्रांचेज में राउंड 1 और राउंड 2 के बीच रैंक का अंतर 100 से 300 से ज्यादा नहीं बदलता।
  • कोर और लोअर ब्रांचेज में हल्की हलचल: थोड़ा मूवमेंट केवल इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल या पर्यावरण जैसी ब्रांचेज में दिखता है, जहाँ बच्चे राज्य के बाहर के NIT में पसंदीदा ब्रांच मिलने पर सीट छोड़ते हैं।

3. 85% दिल्ली बनाम 15% आउटसाइड दिल्ली का तनाव

राउंड 2 में क्षेत्रीय कोटे का अंतर सबसे ज्यादा खुलकर सामने आता है। यह वह जगह है जहाँ सिस्टम की असमानता बहुत से बच्चों को चुभती है।

आउटसाइड दिल्ली (15%)

सामान्य वर्ग के लिए राउंड 2 भी अग्निपरीक्षा जैसा है। 10,000–12,000 रैंक वाले बच्चे को भी DTU/NSUT में ढंग की ब्रांच के लिए तरसना पड़ता है। क्लोजिंग रैंक में बमुश्किल 500–1,000 का ही फर्क आता है। असली राहत राउंड 4 या इंटरनल अपग्रेडेशन में ही मिलती है।

दिल्ली रीजन (85%)

तस्वीर थोड़ी राहत भरी है, पर यहाँ भी CS/IT 12,000–18,000 रैंक पर पैक हो जाती है। 50,000–80,000 रैंक वाले बच्चों को भरोसा रहता है कि कोई कोर ब्रांच (मैकेनिकल, सिविल, केमिकल, बायोटेक) आगे ज़रूर मिलेगी।

4. कॉलेज-वार राउंड 2 का रुझान

प्रत्येक संस्थान का अपना मिजाज है और राउंड 2 में हर कैंपस की कहानी अलग मोड़ लेती है:

DTU

CSE, IT, SE की कट-ऑफ में नाममात्र बदलाव; MCE और ECE में हल्का मूवमेंट। जिन्हें प्रोडक्शन, एनवायरनमेंट या बायोटेक मिलती है, वे ज्यादातर 'Float' पर रहते हैं कि आगे मैकेनिकल/सिविल मिल जाए।

NSUT (मेन बनाम ईस्ट/वेस्ट)

मेन कैंपस (द्वारका) की CSE/CSDA/IT सीटें पूरी तरह लॉक रहती हैं। ईस्ट (गीता कॉलोनी) और वेस्ट (जाफरपुर) कैंपस में सबसे ज्यादा हलचल — बच्चे अस्थायी तौर पर सीट लेते हैं और दूसरी काउंसलिंग में कुछ मिलते ही छोड़ देते हैं।

IIIT-Delhi

भारी फीस (₹4 लाख+/वर्ष) और सख्त करिकुलम के कारण कुछ छात्र सीट मिलने के बाद भी पीछे हटते हैं। CS+Social Sciences, CS+Design, ECE में थोड़ी मूवमेंट; बोनस पॉइंट्स वाले छात्र यहाँ जगह पहले ही पक्की कर लेते हैं।

IGDTUW

छात्राओं के लिए सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्प। CSE/IT/AI-ML का प्लेसमेंट रिकॉर्ड टॉप NITs को टक्कर देता है। दिल्ली की सामान्य वर्ग छात्राओं को 40,000–60,000 रैंक तक भी अच्छी ब्रांच मिलने की राह खुलती है।

DSEU

1 लाख से 2 लाख+ रैंक वालों के लिए जीवनरेखा। कट-ऑफ काफी नीचे तक खिसकती है; जिन्हें सरकारी कॉलेज का ठप्पा चाहिए, वे राउंड 2 में ही सीट सुरक्षित करने की कोशिश करते हैं।

5. श्रेणी-वार (Category) कट-ऑफ समीकरण

आरक्षण के नियमों का असर राउंड 2 में साफ दिखाई देता है:

श्रेणीदिल्ली रीजन ट्रेंडआउटसाइड दिल्ली ट्रेंडराउंड 2 का व्यवहार
Generalटॉप ब्रांचेज 15k–20k, कोर 70k तकटॉप ब्रांचेज 4k–8k, कोर 25k–30k तकन्यूनतम हलचल; छात्र अपनी सीट से चिपके रहते हैं
OBC-NCL50k–1.2 लाख तक बेहतरीन ब्रांचेज15k–35k के बीच मुकाबला सिमटादिल्ली के OBC बच्चों के लिए अच्छा फैलाव
EWS30k–70k के बीच कोर/टेक का संघर्ष10k–20k के भीतर सीटें पैकसीटें कम, मूवमेंट बहुत धीमी
SC / ST1.5 लाख–3 लाख+ तक भी विकल्प50k–1.5 लाख के आसपास ब्रांचेजसीट अपग्रेडेशन सबसे तेज
CW (डिफेंस)प्रायोरिटी I–VI पर निर्भरप्रायोरिटी आधारित सीमित सीटेंदस्तावेज़ सत्यापन के बाद स्थिति साफ

6. बाहरी काउंसलिंग का टकराव: JoSAA, BITS और CSAB

JAC Delhi को अकेले कमरे में बैठकर नहीं समझा जा सकता। इसका सीधा संबंध JoSAA (IITs, NITs, IIITs) और BITS पिलानी की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। राउंड 2 के समय JoSAA के भी शुरुआती 2-3 राउंड चल रहे होते हैं; जिन्हें टॉप NIT (त्रिची, वारंगल, सुरथकल) में अच्छी ब्रांच मिलती है, वे धीरे-धीरे JAC सीट छोड़ने का मन बनाते हैं। BITS की भारी फीस अफोर्ड करने वाले और CS/ECE पाने वाले छात्र भी यहीं से नाम वापसी शुरू करते हैं — यह प्रक्रिया राउंड 2 के अंत और राउंड 3 के बीच गति पकड़ती है।

इसीलिए राउंड 2 को हमेशा "तैयारी का राउंड" माना जाता है — असली बड़ा बदलाव राउंड 3-4 में आता है, राउंड 2 में नहीं।

7. सबसे आम गलतियां जिनसे बचें

  • निराशा में Freeze कर देना: याद रखें, 'Float' में आपकी सीट कभी नहीं छिनती — वह तब तक रहती है जब तक बेहतर सीट न मिल जाए। मनपसंद न मिलने तक कभी Freeze न करें।
  • विथड्रॉल की जल्दबाजी: कट-ऑफ राउंड 2 में न गिरने पर काउंसलिंग छोड़कर प्राइवेट कॉलेज की तरफ भागना सबसे बड़ी भूल है — असली ड्रॉप राउंड 3 के बाद और इंटरनल अपग्रेडेशन में दिखता है।
  • दस्तावेज़ों में लापरवाही: दिल्ली रीजन के OBC छात्रों का सर्टिफिकेट 1 अप्रैल के बाद का और दिल्ली की राज्य सूची वाला होना चाहिए। केंद्र का OBC सर्टिफिकेट यहाँ मान्य नहीं है — ऐसे छात्र सीधे सामान्य वर्ग में डाल दिए जाते हैं।

8. आगे की राह: राउंड 3, 4 और इंटरनल अपग्रेडेशन से क्या उम्मीद रखें?

  1. राउंड 3 और विथड्रॉल विंडो: JoSAA में मनचाहा NIT/IIT मिल चुके छात्र अपनी ₹95,000 फीस वापस लेकर सीट छोड़ते हैं — यहाँ से सीटों का वास्तविक खाली होना शुरू होता है।
  2. इंटरनल अपग्रेडेशन राउंड: फीस भरकर एडमिशन ले चुके छात्रों के बीच अंदरूनी फेरबदल होता है, और यहीं सबसे बड़ा जंप दिखता है — मैकेनिकल वाला सीधे ECE में, ECE वाला IT में पहुंच सकता है।
  3. स्पॉट राउंड: अंत तक मैदान में डटे रहने वालों के लिए वरदान साबित होता है — पीछे की रैंक वाले को भी वह ब्रांच मिल सकती है जिसकी कल्पना भी नहीं की थी।

JAC Delhi राउंड 2 किसी दौड़ का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि बीच का वह हिस्सा है जहाँ सांसें फूलती हैं लेकिन धैर्य बनाए रखना सबसे ज़रूरी होता है। कट-ऑफ के धीमेपन से घबराने के बजाय अपनी प्राथमिकताओं पर टिके रहें, नियमों को बारीकी से समझें और सही समय पर सही कदम उठाएं।

एक्शन प्लान

सीट मिली है? अब Freeze, Float या कुछ और?

सीट = ड्रीम ब्रांच

Freeze करो

अगर अलॉट हुई सीट आपकी टॉप-चॉइस यूनिवर्सिटी + ब्रांच है, तो Freeze करके फीस की डेडलाइन से पहले एडमिशन कन्फर्म कीजिए और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा रखिए। अब रिस्क लेने की ज़रूरत नहीं।

सीट ठीक है, बेहतर संभव

Float रखो

मौजूदा सीट सुरक्षित रहती है और ऊपर की चॉइस के लिए आप Round 3 में विचार किए जाते हो। हर राउंड में कटऑफ रिलैक्स होता है — Rank Lens में "Close call" वाली ब्रांच Round 3 में पहुँच में आ सकती हैं।

कुछ नहीं मिला

चॉइस दोबारा सेट करो

Round 3 से पहले अपनी प्रेफ़रेंस लिस्ट में DSEU कैंपस और कम डिमांड वाली ब्रांच (EE, ME, Civil, EP) जोड़िए। Spot round का इंतज़ार मत कीजिए — वहाँ विकल्प बहुत कम बचते हैं।

शंकाएँ दूर

JAC Delhi Round 2 — सबसे ज़्यादा पूछे गए 25 सवाल

काउंसलिंग, कटऑफ, Freeze/Float, डॉक्यूमेंट और Round 3 — सब कुछ एक जगह।

Daily Spark · JAC Delhi 2026 Counselling Coverage
Round 2 declared: 01 July 2026 · Source: Official DTU / NSUT / IIIT-D / IGDTUW / DSEU cutoff sheets
डिस्क्लेमर: यह विश्लेषण आधिकारिक Round 2 कटऑफ PDF पर आधारित है और सिर्फ मार्गदर्शन के लिए है। एडमिशन से जुड़े फैसलों से पहले jacdelhi.admissions.nic.in और यूनिवर्सिटी की वेबसाइटों पर आधिकारिक सूचना ज़रूर वेरिफाई करें।